Sochna To Chhodo
कोई नयी उमंग पनपी है कल, कुछ नयी तरकीब और एक हलचल, पर तू उन्हें लेकर बैठ गया है परेशान, सोच रहा है कैसे करूँगा, आखिर हूँ एक इंसान, हर बार यह डर की, अकर्म की, रस्म तो तोड़ो करने की अब बारी है, तुम सोचना तो छोड़ो. करने की अब बारी है, तुम सोचना [...]
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